DEMU, MEMU, ट्राम और मेट्रो ट्रेन में क्या है फर्क, बाकी ट्रेनों से कैसे हैं अलग?

ट्रेन की यात्रा करना लोगों के लिए अनोखा अनुभव देने वाला होता है. इस सफर में आप नए लोगों से मिलते हैं, खूबसूरत नजारे देखते हैं और कम वक्त में अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचते हैं

पर हमारा दावा है कि बहुत से लोगों को ट्रेनों से जुड़ी कई ऐसी बातें नहीं पता होंगी, जो बेहद अनोखी हैं

ईएमयू, डेमू, या मेमू ट्रेनें सेल्फ प्रोपेल्ड व्हीकल के तौर पर जानी जाती हैं क्योंकि इनमें अलग से इंजन या लोकोमोटिव नहीं लगाए जाते

वहीं बाकी ट्रेनों में अलग से इंजन लगता है जो पूरी ट्रेन को खींचता है. इस वजह से ये तमाम ट्रेनें ज्यादा लंबी की दूरी नहीं तय करतीं, इन्हें शहर के अंदर या फिर नजदीक के दो शहरों के बीच ही चलाया जाता है.

ईएमयू को इलेक्ट्रिक मल्टिपल यूनिट के नाम से जाना जाता है. ये बिजली के तारों से बिजली लेकर चला करती थी.

इसके रैक यानी डिब्बों में चढ़ने के लिए अलग से सीढ़ी नहीं होती थी, जिसकी वजह से प्लेटफॉर्म ऊंचे बनाए जाते हैं. ये 3-3 डिब्बों के एक यूनिट के साथ चलने वाली ट्रेन है जिसमें इनबिल्ट इंजन होता है

जब इस ईएमयू में परिवर्तन किया गया और सड़क के लेवल के बने स्टेशनों को ध्यान में रखते हुए इनमें सीढ़ियां लगाई गईं, तो इन्हें मोडिफाइड ईएमयू (MEMU) कहा गया.