शिव जी ने साक्षात यहां दिए थे दर्शन! पुरातत्व विभाग ने भी माना... शिवलिंग 3000 साल पुराना, देखें Photo

भारत को देव भूमि भी कहा जाता है. यहां अनेक ऋषि-महात्माओं सहित देवी-देवताओं ने तप किया है. खासकर शिवजी की बात की जाए तो नर्मदा के किनारे लाखों शिवालय मौजूद हैं

यह शिवालय हजारों वर्ष पुराने हैं. ऐसा ही एक शिवालय मध्य प्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय से 45 Km दूर कसरावद क्षेत्र में नर्मदा नदी के किनारे है.

यह शिवालय श्री वेदवेदेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है. प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस मंदिर में अलौकिक अनुभूति होती है. नर्मदा नदी के किनारे मौजूद यह शिवालय सारस्वत तीर्थ स्थान भी माना जाता है. पास ही में मर्कटी संगम है

शिवालय का उल्लेख नर्मदा पुराण और नर्मदा प्रदक्षिणा नामक पुस्तक में भी मिलता है. शिवजी का यह मंदिर अति प्राचीन है. यहां कई संतों ने तप किया है.

पुरातत्व विभाग की मानें तो मंदिर में शिवलिंग लगभग तीन हजार साल पुराना है. मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर संस्कृत भाषा में लिखी एक शिला को पढ़ने पर मालूम पड़ता है कि 1635 संवत में मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ है

शिला पुरानी होने से जीर्णोद्धार करवाने वाले का नाम स्पष्ट नहीं है. अब फिर एक बार मंदिर की रिपेयरिंग की जा रही है. भव्य प्रवेश द्वार का भी निर्माण हो रहा है.

पुराणों के अनुसार, यह स्थान महान ऋषि मार्कण्डेय की तपोभूमि है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में शिवजी साक्षात मौजूद हैं. एक कहानी है जिसके अनुसार, मणकंदक नामक ऋषि हुए, जिन्होंने यहां शिवजी की घोर तपस्या की थी.