बजते-बजते रह गया शाह रुख खान की 'डंकी' का डंका, राजकुमार हिरानी की सबसे कमजोर फिल्म

शाह रुख खान की फिल्म डंकी सिनेमाघरों में रिलीज हो गयी है। राजकुमार हिरानी के निर्देशन में उन्होंने पहली बार काम किया है

हिरानी एक खास तरह का सिनेमा बनाने के लिए जाने जाते हैं जो भावनाओं के उतार-चढ़ाव के साथ सामाजिक संदेश भी देता है

डॉन्की, जिसे आम बोलचाल में 'डंकी मारना' कहा जाता है, उसका अर्थ है- किसी देश में अवैध तरीके से प्रवेश लेना। अवैध तरीके से देश में प्रवेश पाने के लिए जिस रास्ते का इस्तेमाल किया जाता है, उसे डॉन्की रूट कहा जाता है

भारतीय सिनेमा को मुन्‍ना भाई एमबीबीएस, लगे रहो मुन्‍ना भाई, थ्री इडियट्स, पीके जैसी मनोरंजक, सार्थक और संदेशपरक फिल्‍में देने वाले राजकुमार हिरानी ने अब इसी विषय पर अपनी फिल्‍म डंकी बनाई है

हतर जीवन की तलाश और ज्‍यादा पैसा कमाने की चाहत की वजह से कई लोग डंकी रूट अपनाते हैं

फिल्‍म का विषय संवेदनशील और अहम है, लेकिन पटकथा में कसाव ना होने की वजह से लड़खड़ा गई है

कहानी का आरंभ लंदन में उम्रराज मनु (तापसी पन्‍नू) के अस्‍पताल से भागने से होता है। वह वकील पटेल (देवेन भोजानी) से भारत का वीजा ना मिलने की स्थिति में हार्डी (शाह रुख खान) का नंबर निकालने को कहती है। कहानी पंजाब आती है