कन्याकुमारी की इन बेस्ट जगहों पर भी एक बार घूमने जरूर जाएं, बीच से लेकर म्यूजियम तक यहां है सबके के लिए कुछ न कुछ

भारत के सबसे दक्षिणी सिरे पर स्थित और तीन प्रमुख जल निकायों से घिरा कन्याकुमारी, तमिलनाडु की सबसे शांत और खूबसूरत जगहों में से एक है। यह अद्भुत तटीय शहर इतिहास, संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिकीकरण का अद्भुत मिश्रण समेटे हुए है; किलों और मंदिरों से लेकर समुद्र तटों और संग्रहालयों तक, यहां सबके लिए कुछ न कुछ मौजूद जरूर है

अगर आपका भी मन ऐसे शानदार तटीय शहर में घूमने का कर रहा है, तो आज हम आपको कन्याकुमारी की उन खूबसूरत जगहों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें देखने के बाद आप आपको कोई और जगह अच्छी नहीं लगने वाली। तो चलिए शुरू करते हैं

विवेकानंद रॉक मेमोरियल

एक छोटे से द्वीप पर स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल कन्याकुमारी में एक शीर्ष पर्यटन स्थल है। स्वामी विवेकानंद ने 1892 में तीन दिनों के ध्यान के बाद यहां ज्ञान प्राप्त किया था। यह भी माना जाता है कि देवी कन्याकुमारी ने इस चट्टान पर घोर तपस्या की थी। रॉक मेमोरियल के प्रमुख आकर्षण विवेकानंद मंडपम और श्रीपाद मंडपम हैं

कन्याकुमारी बीच

अगर आपको समुद्र तटों पर घूमना बेहद अच्छा लगता है, तो फिर कन्याकुमारी बीच आपको बेहद पसंद आने वाला है। समुद्र तट तीन प्रमुख जल निकायों का संगम है - बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर और अरब सागर। ये बीच दिखने में बेहद खूबसूरत है, क्योंकि इन तीनों जल निकायों का पानी आपस में नहीं मिलता है, इसलिए आप यहां पानी के तीन अलग-अलग रंग देख सकते हैं

तिरुवल्लुवर की मूर्ति

विवेकानंद रॉक मेमोरियल से सटी यह विशाल प्रतिमा इतिहास प्रेमियों और वास्तुकला प्रेमियों के बीच एक लोकप्रिय आकर्षण है। यह एक प्रमुख तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर को समर्पित है। 133 फुट ऊंची यह प्रतिमा 38 फुट ऊंचे आसन पर गर्व से खड़ी है और इसे दूर से देखा जा सकता है।

आर लेडी ऑफ रैनसम चर्च

समुद्र की लहरों के साथ समुद्र तट के पास स्थित मदर मैरी को समर्पित यह खूबसूरत चर्च, कन्याकुमारी में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। चर्च में शानदार गॉथिक वास्तुकला है, जिसमें दीवारों और छत पर आकर्षक नक्काशी है। पवित्र स्थान का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इसमें मदर मैरी की साड़ी पहने मूर्ति है, जो कि एक चर्च में आप इस तरह बहुत ही कम देख पाएंगे।

सुनामी स्मारक

यह स्मारक 26 दिसंबर, 2004 को विनाशकारी भूकंप और सूनामी में अपनी जान गंवाने वालों की याद में बनाया गया था। 16 फुट का स्मारक, जिसमें दो हाथ हैं, शहर के दक्षिणी किनारे के पास स्थित है। दाहिने हाथ पर आप दीपक को जलते हुए देख सकते हैं, जिसे बुझने से रोकने के लिए बाएं हाथ से विशाल नीली लहर को रोका जा रहा है।