आखिर कहां जाती है ट्रेन में की गई टॉयलेट? पटरी गंदी होने से रेलवे को हो रहा था नुकसान, तो भिड़ा लिया ये जुगाड़

भारत में लगभग हर जगह ही इंडियन रेलवे का नेटवर्क मौजूद है. दूर-दराज के इलाके, जहां कोई कार या अन्य ट्रांसपोर्ट के साधन नहीं हैं, वहां भी आपको आसानी से रेल नेटवर्क मिल जाएगा

शार्ट डिस्टेंस हो या लॉन्ग, इंडियन रेलवे अपने हर पैसेंजर की सुविधा का ख्याल रखता है

इस वजह से हर ट्रेन में आपको बाथरूम की सुविधा मिल जाएगी. ताकि पैसेंजर्स को चलती ट्रेन में इमरजेंसी की स्थिति में आराम मिले.

पहले आपने देखा होगा कि ट्रेनों के बाथरूम में नीचे चैम्बर खुले होते थे. इससे सुसु या पॉटी सीधे पटरियों पर गिरती थी.

ना सिर्फ इससे रेलवे को काफी नुकसान होता था बल्कि पर्यावरण के लिए भी ये काफी घातक था. खुले में शौच यूं भी बैन कर दिया गया है

लेकिन ट्रेनों के कारण पटरियों पर पॉटी और सुसु डंप किया जा रहा था. इस समस्या से निजात पाने के लिए इंडियन रेलवे ने जुगाड़ लगाया और एक धांसू प्लान अपना लिया

इसका सॉल्यूशन निकला कंट्रोल डिस्चार्ज सिस्टम. इसमें जैसे ही ट्रेन 30 की स्पीड पकड़ती थी, तब पॉटी सुसु डंप होता था