पुणे शहर के प्रसिद्ध मंदिर

मराठा पेशवा के विस्तार के दौरान, पुणे में मंदिर बनाए जाते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने युवा वर्ष लाल महल में बिताए। आजकल, भारत में एक आसान रहने के लिए पुणे शीर्ष पर है। इस शहर को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी भी माना जाता है।

 मंदिरों की सूची और इसकी विस्तृत जानकारी आज की पीढ़ी को पेशवा मंदिर के सपने को आगे बढ़ाने में मदद करती है।शहर के अधिकांश मंदिरों का निर्माण मराठा साम्राज्य के दौरान आश्चर्यजनक रूप से किया गया था।

डुल्या मारुति मंदिर

पेशवा कालीन यह ऐतिहासिक मंदिर सन् 1600 के आस-पास से पूना शहर के गणेशपेठ में स्थित है, जिसे डुल्या मारुति मंदिर के नाम से ख्याति प्राप्त है।

श्री कसबा गणपति मंदिर

श्री कसबा गणपति मंदिर, युवा शिवाजी ने इस शुभ क्षण के बाद स्वराज्य साम्राज्य का निर्माण शुरू किया। शिवाजी महाराज किसी भी युद्ध में जाने से पहले यहाँ श्री गणेश का आशीर्वाद अवश्य लेते थे।

सारसबाग गणपती मंदिर

भगवान श्री गणेश को समर्पित सारसबाग गणपती मंदिर का एक सुंदर एवं समृद्ध ऐतिहासिक अतीत है। मंदिर के प्रमुख आराध्य श्री गणेश को श्री सिद्धिविनायक कहा जाता है, क्योंकि इसकी सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है।

दगडूशेठ गणपति मंदिर

श्री गणेश के दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर का निर्माण श्री दगडूशेठ हलवाई और उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई द्वारा किया गया था। गणपति मंदिर से बिल्कुल सटा हुआ दाई ओर भगवान शिव का प्राचीन श्री सिद्धेश्वर मंदिर स्थापित है, जिसे गणेश मंदिर से अलग हटकर देख पाना लगभग असंभव सा ही है।

श्री दत्त मंदिर

महाराष्ट्र के पुणे शहर का श्री दत्त मंदिर भक्ति भारत का प्रथम भगवान दत्तात्रेय को समर्पित मंदिर है। श्री दत्त मंदिर प्रसिद्ध दगडूसेठ हलवाई गणपति मंदिर पुणे से कुछ ही मिनटों की दूरी पर स्थित है।